2017 से पहले नकल के ठेके से बदनाम था यूपी, अब बदल चुकी है तस्वीर : मुख्यमंत्री योगी
सीएम योगी ने 81 शिक्षकों को राज्य अध्यापक व मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार से किया सम्मानित
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस पर बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 81 शिक्षकों को राज्य अध्यापक एवं मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी नकल के ठेके की वजह से बदनाम था। दूसरे राज्यों के बच्चों को बुलाकर नकल कराने का ठेका लिया जाता था। इससे पूरे प्रदेश की छवि और यहां के युवाओं की पहचान को भी चोट पहुंच रही थी।
योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में शनिवार को आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि जितना पैसा सपा सैफई महोत्सव में खर्च करती थी, उसी में थोड़ा सा पैसा शिक्षा पर खर्च कर देती तो लाखों बच्चों का भविष्य बन जाता। जितने पैसे में बकिंघम की बग्गी मंगाकर जन्मदिन मनाया जाता था उतने में कई बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल जाती। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति के चश्मे से देखने वालों को 2017 के बाद प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आया परिवर्तन दिखाई नहीं देगा।सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में बांसगांव के पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय उनवल के सहायक अध्यापक नवीन कुमार त्रिपाठी को सम्मानित किया।
यूपी को बदनाम करने के लिए विपक्ष द्वारा दुष्प्रचार: सीएम योगी ने यूपी को बदनाम करने के लिए किए जाने वाले दुष्प्रचार भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्य के जर्जर विद्यालय भवन का वीडियो झांसी का बताकर चलाया गया। यूपी के शिक्षा जगत को अपमानित करने का प्रयास करने वालों को स्मार्ट क्लास, ऑपरेशन कायाकल्प जैसे व्यापक परिवर्तन दिखाई नहीं देते लेकिन हमारी प्रतिस्पर्धा चुनावी घोषणाबाजों से नहीं, समय से है। जिस बच्चे को आप पढ़ा रहे हैं, अगर उसमें चूक हो गई तो उसका बचपन दोबारा नहीं आने वाला। इसलिए सही समय पर सही दिशा में सही निर्णय लेने की आदत होनी चाहिए।
सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा को राजनीतिक प्रभाव से दूर रखते हुए बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता देना चाहिए।ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव पैदा करना भी शिक्षक की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेशभर के शिक्षकों का आह्वान किया कि वे शिक्षा व्यवस्था में उत्कृष्टता और नवाचार को लेकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आगे बढ़ाएं। यही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा प्रदेश और देश का भविष्य बनाएगी। उन्होंने कहा कि बदलती टेक्नोलॉजी पर भी हमे ध्यान देना होगा। हम इससे मौन नहीं रह सकते। हमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स व ड्रोन टेक्नोलॉजी के अनुरूप खुद को तैयार करने की जरूरत है।
2017 से पहले दंगा-कर्फ्यू और अराजकता का था दौर: मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा को प्रदेश में चार बार और कांग्रेस को लगभग छह दशक तक यूपी में शासन करने का अवसर मिला था। उन्होंने तब कुछ नहीं किया और अब दोनों प्रदेश की बदलती व्यवस्था पर प्रश्न खड़ा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुराने जर्जर भवन दरअसल उन्हीं के स्मारक थे, जिन्हें हम बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उपद्रव, कर्फ्यू, दंगे और अराजकता के माहौल में स्कूल-कॉलेजों के चलने की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। अब कहीं कोई संकट नहीं। कोई उत्सव से पहले उपद्रव नहीं कर सकता। शुक्रवार को जन्माष्टमी थी। सभी 1586 थानों में, देव मंदिरों में, 75 जनपदों की पुलिस लाइन में, सभी जेलों में, हर मोहल्ले-गांव में इसके आयोजन हुए, लेकिन कहीं कर्फ्यू या दंगे की एक भी घटना सुनाई नहीं दी। सोर्स विज्ञप्ति।

