सीएम योगी ने श्रीकृष्ण जन्मस्थली मथुरा से आराध्य के दर्शन के पश्चात विपक्ष पर साधा निशाना! सनातन को मिटाने की कोशिश करने वाले मिट्टी में मिल गए
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में बाल गोपाल को झूला झुलाते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मथुरा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि से सनातन की शक्ति को याद दिलाते हुए कहा कि इसे मिटाने की कोशिश करनेवाले मिट्टी में मिल गए। उन्होंने कहा कि बाबर और औरंगजेब जैसे हमलावर अब ढूंढे नहीं मिलेंगे। सपा की ओर इशारा करते हुए सवाल उठाया कि जिनकी आस्था बाबर और औरंगजेब में है, वह आपका क्या सम्मान करेंगे? योगी ने कहा कि वह अयोध्या और काशी विश्वनाथ की तरह मथुरा-वृंदावन में भी भव्य और दिव्य परिसर बनाना चाहते हैं। मथुरा-वृंदावन के दो दिवसीय दौरे पर आए सीएम योगी आदित्यनाथ रात्रि विश्राम के बाद सुबह 9.55 बजे श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचे। सीएम रहते हुए उनका यह 20वीं बार जन्मस्थान का दौरा है। योगी ने गर्भगृह में लाला के दर्शन किए। जन्मस्थान पर गोपूजन के बाद श्रद्धालुओं को संबोधित किया।
सीएम योगी ने कहा कि सनातन को मिटाने वाले आक्रांताओ को अब ढूंढ नहीं पाओगे, सब समाप्त हो गए। परंतु औरंगजेब और बाबर के अनुयायी बचे हैं। वह समाज में जहर घोलने का काम फिर से कर रहे हैं। समाज में जहर घोलना उनकी आदत ही है, जिससे राष्ट्रविरोधी तत्वों के हौसले बढ़ सकें। वह आपकी सुरक्षा में सेंध लगा सकें। डबल इंजन सरकार इनके मंसूबों को पूरा नहीं होने देगी। हमें केवल देश और समाज की चिंता करनी है, बाकी सब खुद कन्हैया करेंगे। योगी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने 5200 वर्ष पहले जो उद्घोष किए थे, वह आज भी प्रासंगिक हैं। सज्जन शक्ति जहां होगी, उसका संरक्षण होगा। राष्ट्र व समाज विरोधियों की तो कंस जैसी दुर्गति तय है। सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में विकास हो रहा तो, विरोधियों को यह अच्छा नहीं लगता। इसलिए वह अयोध्या को बदनाम कर रहे हैं। हमारा अयोध्या और काशी विश्वनाथ की तरह भव्य और दिव्य परिसर मथुरा-वृंदावन में उपलब्ध कराने का प्रयास है।
पिछली सरकार को वोट बैंक खोने का डर था : सीएम योगी ने कहा कि मैं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव पर हर बार ब्रज में आता हूं। पिछली सरकार यहां आने से डरती थीं, क्योंकि उन्हें एक वर्ग के वोट बैंक की चिंता थी। प्रदेश में अब श्रद्धालुओं की भावना समझने वाली और उनकी बढ़ती संख्या के अनुसार व्यवस्था करने वाली सरकार है। योगी जन्मस्थान की दीवारों पर चढ़ी चांदी की परत की कला को निहारते रहे। फिर केशवदेव और योगमाया मंदिर में दर्शन किए।

