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प्रदेश में गहराते गैस संकट पर आरपीआई पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने जताई गहरी चिंता: मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

लखनऊ: दिनांक: 14 मार्च 2026

प्रदेश में गहराते गैस संकट पर आरपीआई पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने जताई गहरी चिंता: मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

लखनऊ: रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के प्रदेश अध्यक्ष पवन भाई गुप्ता ने प्रदेश में व्याप्त घरेलू एवं कमर्शियल रसोई गैस के भीषण संकट पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।उन्होंने कहा कि गैस की किल्लत अब केवल एक असुविधा नहीं, बल्कि एक गंभीर मानवीय संकट का रूप ले चुकी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गए एक विशेष पत्र में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि “सरकार द्वारा वर्तमान में उठाए जा रहे कदम पूरी तरह नाकाफी सिद्ध हो रहे हैं। धरातल पर शासन के किसी भी आदेश का असर दिखाई नहीं दे रहा है। कालाबाजारी अपने चरम पर है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। सरकार को अब और अधिक प्रभावी तरीके से आदेशों का पालन सुनिश्चित कराना होगा और कालाबाजारी रोकने के लिए बेहद सख्त कदम उठाने की ज़रूरत है। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को पत्र भेजा गया है जो अक्षरश: नीचे दिया गया है।

पवन भाई गुप्ता ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण उत्तर प्रदेश में गैस आपूर्ति की स्थिति अत्यंत विकराल हो चुकी है। विशेषकर राजधानी लखनऊ में स्थिति अब मानवीय संकट की ओर बढ़ रही है, जिसका सबसे भयावह स्वरूप चिकित्सा क्षेत्र में देखने को मिल रहा है।

राजधानी लखनऊ एवं KGMU का संकट: प्रदेश की राजधानी और चिकित्सा का सबसे बड़ा केंद्र होने के बावजूद, लखनऊ की गैस एजेंसियों पर अराजकता का माहौल है। अत्यंत चिंता का विषय यह है कि किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में भी गैस संकट के कारण मरीजों के आहार से समझौता किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सूचना प्राप्त हुई है कि गैस की कमी के कारण मरीजों को दिए जाने वाले नियमित भोजन में रोटियों की संख्या कम कर दी गई है और मजबूरी में चावल अधिक परोसा जा रहा है। बीमार मरीजों के लिए निर्धारित डाइट चार्ट का उल्लंघन उनके स्वास्थ्य के साथ सीधे खिलवाड़ है। राजधानी की सड़कों पर गैस के लिए लगी मील लंबी कतारें शासन और प्रशासन की व्यवस्थाओं को चुनौती दे रही हैं।

श्रावस्ती, बस्ती और गोरखपुर: यहाँ गैस के लिए मची भगदड़ में महिला का बेहोश होना और गोरखपुर में पुलिस की मौजूदगी के बावजूद मारपीट होना प्रशासन के लिए खतरे की घंटी है। कानपुर में भी कमोवेश यही स्थिति है। अयोध्या: राम रसोई और हनुमान जी के विशेष प्रसाद का बंद होना धार्मिक और सामाजिक रूप से एक बड़ा आघात है।

झांसी: सिलेंडर लदे ट्रक का गायब होना यह सिद्ध करता है कि संकट की आड़ में आपराधिक तत्व सक्रिय हो चुके हैं। लखनऊ के अस्पतालों में मरीजों को उचित पोषण न मिल पाना एक राज्य के रूप में हमारे लिए चिंता का विषय है। अतः मैं निम्नलिखित सुझाव आपके समक्ष रखता हूँ:

संकट समाधान हेतु सुझाव: अस्पतालों को ‘अति-अनिवार्य’ श्रेणी में रखना: KGMU, PGI और लोहिया जैसे बड़े चिकित्सा संस्थानों को गैस आपूर्ति की ‘अति-अनिवार्य श्रेणी’ में रखा जाए, ताकि मरीजों के पोषण और स्वास्थ्य पर कोई आंच न आए।महानगर निगरानी सेल: लखनऊ की हर गैस एजेंसी पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती हो ताकि लंबी लाइनों और मारपीट की घटनाओं को रोका जा सके।

पवन भाई गुप्ता ने कहा कि जब तक संकट है, तब तक घरेलू उपयोग के लिए गैस की पारदर्शी राशनिंग की जाए ताकि काला बाजारी रुके और जरूरतमंदों को गैस मिल सके,कालाबाजारी पर कठोरतम दंड झांसी जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए गैस माफियाओं पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो।उन्होंने कहा कि राजधानी लखनऊ की इस विशेष स्थिति और मरीजों के स्वास्थ्य को देखते हुए आप तत्काल कठोर कदम उठाएंगे। इस दौरान पवन भाई गुप्ता ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ और कालाबाजारी पर लगाम नहीं लगा,तो पार्टी जनहित में बड़े आंदोलन के लिए विवश होगी।

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