प्रशासन की मुस्तैदी से जनपद में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य: पंपों से हटे “नो स्टॉक के बोर्ड”
जनता ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से आपूर्ति बहाल एवं स्थिति सामान्य होने पर जताया आभार
डीएम की सख्ती के बाद गुरुवार शाम को तेल कंपनियों के डिपो मैनेजर व पंप संचालकों के साथ की गई आपात बैठक
सिद्धार्थनगर। जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के बाद जनपद में पेट्रोल और डीजल की किल्लत खत्म हो गई है। पिछले 24 घंटों में तेल कंपनियों के टैंकर लगातार पहुंचने से सभी पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति सामान्य हो गई है। डीएम की सख्ती के बाद गुरुवार शाम से तेल कंपनियों के डिपो मैनेजर और पंप संचालकों के साथ आपात बैठक की गई। जिससे 48 घंटे में आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए। जिससे टैंकरों की संख्या बढ़ी है। गोरखपुर डिपो से शुक्रवार रात से अब तक 35 से अधिक टैंकर जिले में पहुंच चुके हैं। हर तहसील को प्राथमिकता के आधार पर डीजल-पेट्रोल भेजा जा रहा है।काला-बाजारी पर रोक हेतु पूर्ति विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने 12 पंपों पर औचक निरीक्षण किया। स्टॉक छुपाने और ज्यादा रेट पर तेल बेचने वाले जिले के 2 पेट्रोल पंपों को नोटिस जारी किया गया है। लोगो को असुविधा न हो इसके लिए जिला पूर्ति कार्यालय में 24×7 कंट्रोल रूम बनाया गया है। हेल्पलाइन नंबर 9454417444 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
अब स्थिति यह है कि शनिवार सुबह से सदर, बांसी, डुमरियागंज, इटवा और शोहरतगढ़ के सभी 68 पेट्रोल पंपों पर सामान्य रूप से तेल मिल रहा है। पंपों पर लगी लंबी कतारें खत्म हो गई हैं। किसानों को भी डीजल मिलने से राहत मिली है। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि प्रशासन की मॉनिटरिंग से हालात अब काबू में हैं। अगले एक सप्ताह का अतिरिक्त स्टॉक मंगवा लिया गया है। खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।वहीं पेट्रोल पंप संचालकों ने प्रशासन के प्रति जताया आभारः-पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन ने कहा कि प्रशासन के सहयोग से संकट टल गया। अब मांग के अनुसार आपूर्ति मिल रही है।

