समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव के तुष्टीकरण वाले बयान पर पूर्व डीजीपी बृजलाल ने की तीखी प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी के नेता तुष्टीकरण की राजनीति में इतने अंधे हो गए हैं कि! आतंकियों के चार्ज-शीट कोर्ट से वापस लेने में “न कोई शर्म आती है और न ही कोई संकोच”- पूर्व डीजीपी बृजलाल
नई दिल्ली: पूर्व डीजीपी उत्तर प्रदेश एवं राज्यसभा सांसद बृजलाल ने समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा है कि सत्ता में वापस आने पर वे सम्बल के दंगाइयों के मुकदमे वापस लेंगे और सजायफ़्ता आज़म ख़ान को जेल से निकाल कर उत्तरप्रदेश का गृहमंत्री बनायेंगे। ऐसे में उनका संदेश साफ़ है कि- कानून से बड़ा अपना व्यक्तिगत हित है,फिर पार्टी का हित। इन्हें न्याय से कोई मतलब नहीं है, अपने हित में कानून का गला घोंटने में इन्हें कोई संकोच नहीं। तुष्टिकरण के लिए यह पार्टी किसी भी सीमा तक जा सकती है।इसके तो तमाम प्रमाण है।
1978 का संभल दंगा- होली के 4 दिन बाद 29-3-1978 संभल में सुनियोजित दंगा कराया गया। इस दंगे में 184 हिंदू मार डाले गये। विवेचना होकर दंगाइयों के विरुद्ध चार्ज-शीट न्यायालय में भेजी गई और मुकदमों का विचारण अंतिम स्टेज पर था, सजा मिलना निश्चित था। मुलायम सिंह यादव दिसम्बर 1993 में मुख्यमंत्री बने और पहला काम किया, सभी दंगाइयों के मुकदमे वापस ले लिए। पूर्व डीजीपी ने कहा कि मुलायम सिंह यादव के फैसले से हिंदुओं में डर और निराशा फ़ैल गई। हिंदू पलायित कर गये, जहाँ हिंदू आबादी 45% थी, वह घटकर 15% आ गई।
पूर्व डीजीपी ने आरोप लगाया कि अब शिवपाल सिंह यादव वही पुरानी बात को दोहरा रहे हैं कि 2024 में जामा मस्जिद संभल के न्यायालय के आदेश पर सर्वे के समय हुई हिंसात्मक मुकदमों को वापस लेंगे जिसमे समाजवादी पार्टी के बिजली-चोर सांसद जियाउररहमान ख़ुद मुख्य आरोपी है। उन्होंने कहा आज़म ख़ान सजायफ़्ता है जिनपर 100 से अधिक मुकदमें हैं और कई अपराध में सजा भी हो चुकी है और उनके पुत्र को भी सजा मिल गई है।अब शिवपाल यादव ऐलानिया कह रहे हैं कि वे आज़म ख़ान को उत्तरप्रदेश का गृह मंत्री बनाएँगे।
राज्य सभा सांसद बृजलाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा तुष्टिकरण की नीति के तहत मुस्लिम दंगाइयों, आतंकवादियों के संरक्षण के लिए तत्पर रहती है, इन्हें तो आतंकियों के चार्ज-शीट कोर्ट से वापस लेने में न कोई शर्म आती है और न ही कोई संकोच। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2012 में मुख्यमंत्री बनते ही वही तो किया,मैनाठेर मुरादाबाद में 6 जुलाई 2011 को डीआईजी अशोक कुमार सिंह पर हुए जानलेवा हमले को वापस लिया था। कोर्ट ने इसी वर्ष एक दर्जन से अधिक दंगाइयों को आजन्म कारावास की सजा दे दी। इतना ही नहीं,अखिलेश यादव ने आतंकियों के 14 चार्ज-शीट वापस लिए। यहाँ भी इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मुकदमे वापस नहीं लेनें दिया और अखिलेश के इरादों पर पानी फेर दिया। आतंकियों को फाँसी,आजन्म कारावास की सजा दे दी।
Brij Lal IPS Retd,Member of Parliament(Rajya Sabha) Dated New Delhi August 13 August 2026

