राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कौशल किशोर पांडे ने पत्रकारों के हितों को लेकर मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने मानदेय, मान्यता, कैशलेश चिकित्सा व सुरक्षा सुविधाओं को लेकर उठाई मांग

यूपी,औरैया। पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए पत्रकारों की समस्याओं और उनके हितों को लेकर राष्ट्रीय हिंदू वाहिनी संगठन-उत्तर प्रदेश (भारत) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,डिजिटल मीडिया तथा यूट्यूब से जुड़े पत्रकारों और मीडिया कर्मियों के हित में विभिन्न मांगें उठाई गई हैं। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने मांग किया कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है। न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका के साथ चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारिता भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के0के0 पांडे ने हिंदू वाहिनी संगठन ने ज्ञापन देकर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से अनुरोध किया कि पत्रकार विपरीत परिस्थितियों में भी घटनाओं और जनसमस्याओं को सामने लाने का कार्य करते हैं। बढ़ती जनसंख्या और सामाजिक समस्याओं के बीच पत्रकारिता का महत्व लगातार बढ़ा है, लेकिन पत्रकारों को मिलने वाली सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर अभी भी अनेक समस्याएं हैं। ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकारों को समाचार संकलन के दौरान कई बार कठिन परिस्थितियों और दुर्गम स्थानों इसके तक जाना पड़ता है। बावजूद उनके जीवन और परिवार की आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा को लेकर पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार से पत्रकारों के लिए ठोस व्यवस्था किए जाने की मांग की गई।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें: ज्ञापन में मांग की गई कि प्रत्येक पत्रकार को सम्मानजनक मानदेय दिया जाए, जिससे वह अपने परिवार का भरण-पोषण सुचारु रूप से कर सके। मानदेय की व्यवस्था पत्रकार के जीवन पर्यंत जारी रखने की मांग भी रखी गई। इसके अलावा प्रत्येक पत्रकार और उसके परिवार के सदस्यों के लिए बीमारी की स्थिति में समुचित एवं निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकार अथवा उसके परिवार के किसी सदस्य को आवश्यकता पड़ने पर किसी भी अस्पताल में उपचार की सुविधा मिलनी चाहिए। पत्रकारों के बच्चों की शिक्षा के संबंध में भी मांग उठाई गई। इसमें कहा गया कि पत्रकारों के बच्चों को किसी भी स्तर की शिक्षा के लिए कॉलेज अथवा संस्थान में कम से कम 75 प्रतिशत फीस में छूट प्रदान की जाए।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पांडे ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से अनुरोध किया कि दुर्गम एवं दूरदराज के स्थानों पर समाचार कवरेज के लिए जाने वाले पत्रकारों को सरकारी स्तर पर आवश्यक परिवहन अथवा वाहन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई।इसके साथ ही मान्यता प्राप्त पत्रकार बनने के नियमों और दायरे में शिथिलता बरतने की मांग की गई, ताकि अधिक संख्या में वास्तविक रूप से पत्रकारिता से जुड़े लोगों को मान्यता मिल सके। प्रदेश अध्यक्ष ने ज्ञापन में प्रत्येक जनपद में पत्रकारों के लिए विशेष कंट्रोल रूम की व्यवस्था किए जाने की मांग भी रखी गई। इसमें पत्रकार अपनी आवश्यक शिकायत अथवा समस्या दर्ज करा सकें और उस पर संबंधित स्तर से कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने इसके अलावा सरकारी कार्यालयों में पत्रकारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने,पत्रकारों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई। ज्ञापन में पत्रकारों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा उन्हें समाचार संकलन के दौरान आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया ।उन्होंने मुख्यमंत्री से ज्ञापन में उल्लिखित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए पत्रकारों के हित में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने और प्रभावी व्यवस्था लागू कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता से जुड़े लोगों की समस्याओं का समाधान होने से वे और अधिक स्वतंत्र एवं सुरक्षित वातावरण में अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

