गोरखपुर विश्वविद्यालय में बढ़ेंगी सुविधाएं, बजट की मिली मंजूरी: छात्रावास मरम्मत से लेकर बाउंड्रीवाल तक के काम पर खर्च होंगे 11 करोड़
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्र सुविधाओं और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए शासन ने बड़ी मंजूरी दी है। उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय की तीन परियोजनाओं के लिए करीब 11.80 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।गौतम बुद्ध छात्रावास के लिए 4.40 करोड़, महारानी लक्ष्मीबाई महिला छात्रावास के लिए 4.65 करोड़ और क्रीड़ा संकुल की बाउंड्रीवाल के लिए 2.75 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत तय की गई है। तीनों कार्यों के लिए उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड, लखनऊ को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। कुलपति पूनम टंडन ने बताया कि छात्र-छात्राओं को बेहतर आवासीय सुविधाएं देने के साथ खेल परिसर को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से विद्यार्थियों को सुविधाओं का लाभ मिलेगा और विश्वविद्यालय का आधारभूत ढांचा और मजबूत होगा। गौतम बुद्ध छात्रावास के सभी कमरों की मरम्मत, महारानी लक्ष्मीबाई महिला छात्रावास के तीन ब्लॉक और साइट डेवलपमेंट का काम कराया जाएगा। साथ ही क्रीड़ा संकुल की बाउंड्रीवाल का निर्माण होगा
पूर्वी उत्तर प्रदेश में गंभीर दुर्घटनाओं और अन्य आकस्मिक स्थितियों में जीवनरक्षक चिकित्सा सेवाएं और सुदृढ़ होंगी। इसका माध्यम बीआरडी मेडिकल कॉलेज में लेवल-2 से परिवर्तित कर लेवल-1 के रूप में स्थापित किया जा रहा ट्रामा सेंटर बनेगा। इस ट्रामा सेंटर की क्षमता 100 बेड की होगी। यहां चार ऑपरेशन थिएटर के साथ अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। सरकार की ओर से लेवल- 1 ट्रामा सेंटर का निर्माण 38.02 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम अब तक 36 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा कर चुकी है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 6,510 वर्गमीटर क्षेत्रफल में निर्माणाधीन लेवल- 1 ट्रामा सेंटर ग्राउंड फ्लोर समेत तीन मंजिला होगा। इसमें अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ एक ही छत के नीचे विभिन्न प्रकार के गंभीर मरीजों के इलाज की व्यवस्था होगी। सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल मरीजों, सिर में चोट लगने से कोमा में गए मरीजों या गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को इलाज के लिए किसी अन्य स्थान पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
सीएम ने कहा कि डबल डेकर बस का ट्रायल पूरा, अब अनुमति का इंतजार: गोरखपुर-कसया मार्ग पर डबल डेकर बस के संचालन की तैयारी अंतिम चरण में है। परिवहन निगम की ओर से बस का ट्रायल पूरा कर लिया गया है। अब शासन से संचालन की अनुमति मिलने का इंतजार है। अनुमति मिलते ही इस मार्ग पर डबल डेकर बस का नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा। बस के चलने से गोरखपुर से कसया के बीच सफर करने वाले यात्रियों को सहूलियत मिलेगी। बस सेवा शुरू होने से यात्रियों को एक साथ अधिक सीटों की सुविधा मिलेगी और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। खासकर गोरखपुर से कस्या और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

