Mon. May 18th, 2026

शामली-गोरखपुर कॉरिडोर से गुजरेगा बुद्धनगरी को रफ्तार देने के लिए विकास का रास्ता

शामली-गोरखपुर कॉरिडोर से गुजरेगा बुद्धनगरी को रफ्तार देने के लिए विकास का रास्ता

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के निर्माण से पश्चिम व पूरब के जिलों की होगी बेहतर कनेक्टिविटी:

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए दो हजार किसानों की जमीन का होगा अधिग्रहण

सिद्धार्थनगर। बुद्धनगरी के विकास को रफ्तार देने के लिए शामली-गोरखपुर हाईस्पीड कॉरिडोर (एक्सप्रेस-वे) परियोजना पर शासन की मुहर लग गई है। शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर दी गई है। भारत के राजपत्र में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से प्रकाशित अधिसूचना के तहत जिले की तीन तहसीलों में 45.164 किमी लंबे एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।

750 किमी लंबे शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे का किमी 613.400 से किमी 658.564 का हिस्सा जिले से होकर गुजरेगा। इसके तहत जिले के बांसी, डुमरियागंज और इटवा तहसीलों के 88 गांवों में दो हजार किसानों की 541 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। चिह्नित भूमि के संबंध में एडीएम सिद्धार्थनगर के कार्यालय में 21 दिन के अंदर आपत्ति दाखिल की जा सकती है। आपत्ति निस्तारण के बाद किसानों को मुआवजा वितरण करते हुए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जाएगी।जिले से गुजरने वाले शामली गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए (NHAI) एनएचएआई ने 88 गांवों में 70 मीटर चौड़ाई में भूमि का चिह्नांकन किया है। इसके लिए बांसी तहसील के 45, इटवा तहसील के 15 और डुमरियागंज तहसील के 28 गांवों के किसानों की भूमि का अधिग्रहण होना है। एनएचएआई ने सर्वे कर इन गांवों के खेतों में झंडी लगा दी है। झंडी वाले स्थल से दोनों तरफ 35-35 मीटर भूमि को एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत की

पश्चिम व पूरब के जिलों से होगी बेहतर कनेक्टिविटी: शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से कुशीनगर में जुड़ेगा। इससे जिले के लोगों का पूर्वोत्तर भारत तक आवागमन सुगम हो जाएगा। वहीं, शामली तक पहुंच होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के कई जिलों के साथ जुड़ जाएगा। यह एक्सप्रेसवे यूपी के 21 जिलों कुशीनगर, गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, बरेली, संभल, अमरोहा, मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली से गुजरेगा। यह एक्सप्रेसवे हरियाणा के पानीपत को भी जोड़ेगा।सर्वे के अनुसार, एलाइनमेंट तय कर लिया गया है। इसमें एनएचएआई कार्यालय अयोध्या में बांसी तहसील के 19, डुमरियागंज 27 और इटवा के 20 गांव शामिल है जबकि एनएचएआई गोरखपुर से बांसी तहसील के 26 गांव शामिल है।

डुमरियागंज-बढ़नी मार्ग पर भूमि के पर चिह्नांकन के लिए लगा पत्थर:भारत के राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशन के बाद शामली गोरखपुर एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए नियमानुसार किसानों को मुआवजा वितरण करते हुए भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे के निर्माण में तेजी आ जाएगी। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से जिले के लोगों को प्रदेश व देश के अन्य स्थानों तक आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।

चिह्नित भूमि में शामिल हैं खेत, केखलिहान व आबादी: शामली-गोरखपुर हाईस्पीड कॉरिडोर(एक्सप्रेसवे) परियोजना की भूमि अधिग्रहण के लिए जारी अधिसूचना में कई प्रकार की भूमि शामिल है। एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए चिह्नित भूमि में कृषि योग्य भूमि, चकमार्ग, खलिहान, नहर, नाली, सड़क, कब्रिस्तान, तालाब, होलिका दहन स्थल, भीटा आदि भूमि शामिल है। इनमें निजी व कृषि समेत मकान और बाग आदि के अधिग्रहण के लिए भू-स्वामी को नियमानुसार मुआवजा वितरण किया जाएगा। जारी किए गए गजट में बताया गया कि संबंधित भू-स्वामी अपने भूमि से संबंधित जानकारी एसएलओ कार्यालय में कर सकता है।

प्रमुख मार्गों से कनेक्ट होगा एक्सप्रेस-वे: शामली गोरखपुर एक्सप्रेसवे जिले में बांसी के पास एनएच-28 से जुड़ेगा,यह एक्सप्रेसवे बांसी-खलीलाबाद और डुमरियागंज-इटवा मार्ग से भी कनेक्ट होगा। इसके अलावा अन्य प्रमुख मार्गों से भी एक्सप्रेसवे जुड़ जाएगा। वर्तमान में जिले से गुजर रहे एनएच-730 और एनएच-28 तीन तहसील क्षेत्र नौगढ़, शोहरतगढ़ और बांसी जुड़े हुए है। अब बांसी के साथ ही हाईवे मार्ग से अछूते रहे डुमरियागंज और इटवा तहसील एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएंगे। वहीं, अन्य मार्गों से एक्सप्रेसवे के कनेक्ट होने से जिले के सभी क्षेत्र के लोगों को इसका लाभमिलेगा और एक्सप्रेसवे के माध्यम से आवागमन सुगम हो सकेगा।

गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे के लिए राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना में अधिग्रहित किए जाने वाले गाटों की संख्या और रकवा भी शामिल है। यह एक्सप्रेसवे बांसी तहसील के कोल्हुआ, तुगलकपुर, अमघटी, कोल्हुई बुजुर्ग, भैंसठ, विमौआ खुर्द,खदरा,सिंगिया, जाल्हेखोर, मिठवल बुजुर्ग, डुमरियागंज तहसील के महतिनिया बुजुर्ग, अकोलिहा, खम्हरिया, पिपरा कानूनगो, पुरैना और इटवा तहसील के बहादुरपुर आदि गांव में एक्सप्रेसवे के निर्माण से आवागमन के साथ यहां उद्योग लगाने व निर्यात में सहूलियत होगी।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *