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सीएम योगी ने आगामी श्रावण मास कांवड़ यात्रा एवं विभिन्न पर्वों की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की

सीएम योगी ने आगामी श्रावण मास कांवड़ यात्रा एवं विभिन्न पर्वों की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आगामी श्रावण मास, कांवड़ यात्रा एवं विभिन्न पर्वों की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा में प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। कानून-व्यवस्था, यातायात, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा एवं जनसुविधाओं की ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सौहार्द बिगाड़ने, अफवाह फैलाने, मिलावट, ओवररेटिंग एवं अराजकता फैलाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने मेरठ जोन की कार्ययोजना को प्रदेश के सभी पुलिस जोनों के साथ साझा करने के निर्देश दिए, ताकि पूरे प्रदेश में कांवड़ यात्रा की एक समान एवं प्रभावी व्यवस्था लागू की जा सके।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्थानीय प्रशासन कांवड़ संघों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखे, शिविर संचालकों का समयबद्ध सत्यापन सुनिश्चित करे तथा हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली एवं उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कांवड़ की निर्धारित ऊंचाई का पालन सुनिश्चित कराया जाए।उन्होंने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा मार्ग पूरी तरह सुगम एवं सुरक्षित हों। क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर मांस एवं मदिरा की दुकानें बंद रहें। खाद्य पदार्थों में मिलावट, गंदगी एवं ओवररेटिंग किसी भी दशा में स्वीकार नहीं होगी। प्रत्येक दुकान पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए तथा डीजे की ध्वनि निर्धारित मानकों के अनुरूप रहे।उन्होंने पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने, संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी एवं ड्रोन से चौबीसों घंटे निगरानी रखने तथा सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी एवं भ्रामक सूचनाओं का तत्काल खंडन कर अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री योगी ने बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने, संभावित बाढ़ एवं कटान वाले क्षेत्रों में सभी आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी रखने तथा स्थानीय प्रशासन को सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।उन्होंने अधिकारियों को अगले 2-3 दिनों के भीतर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समसामयिक विषयों एवं शासन के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी साझा करने तथा उनके सुझावों के अनुरूप व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करें।

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