खलीलाबाद-बहराइच रेल मार्ग के बीच बांसी में बनेगा गोदाम कारोबार को मिलेगी नई रफ्तार
निर्माणाधीन खलीलाबाद-बहराइच रेल मार्ग पर तीन के बजाय बनेगा पांच रेल लाइन का ट्रैक
नई रेल लाइन के बन जाने से बेहतर कनेक्टिविटी बढ़ने से व्यापार का केंद्र बनेगा बांसी
सिद्धार्थनगर: खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन बिछाने के कार्य के तहत निर्माणाधीन बांसी स्टेशन को गैर उपनगरीय (एनएसजी-4 ग्रेड) में रखा गया है। इसके तहत यहां पांच रेल लाइन ट्रैक बिछाने के साथ ही माल गोदाम भी बनाया जाएगा। वर्तमान में यहां पर 75 करोड़ में स्टेशन के निर्माण का टेंडर होने के बाद नींव व पिलर बनाने के साथ ही मिट्टी भराई का कार्य हो रहा है। माल गोदाम का निर्माण होने से व्यापारियों को काफी सहूलियत मिलेगी। इससे बांसी कस्बा में व्यवसायिक हब बन जाएगा।
खलीलाबाद से शुरू होकर मेंहदावल, डुमरियागंज, उतरौला, श्रावस्ती, भिनगा और बहराइच तक 240 किमी लंबी रेल लाइन को पूरा करने के लिए वर्ष 2026 तक का लक्ष्य निर्धारित है। केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2018 में इस रेल लाइन की मंजूरी दी थी। सरकार ने 4940 करोड़ रुपये का बजट भी प्रस्तावित किया है। ग्रेडिंग के साथ ही जिले के बांसी तहसील से खेसरहा रूट पर लाइन बिछाने की शुरुआत हो चुकी है। बांसी में निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन पर मुख्य रेलवे स्टेशन भवन, सड़क व आवासीय परिसर के साथ ही माल गोदाम का निर्माण होना है।
अपको बता दें कि खलीलाबाद से बांसी के बीच पड़ने वाले बखिरा, मेहदावल, बहिरौली और खेसरहा को एनएसजी-5 ग्रेड में रखा गया है, जबकि बांसी को एनएससी-4 में शामिल किए जाने से यहां लाइनों की संख्या तो पर्याप्त होगी ही साथ ही यात्रियों की सुविधा भी काफी होगी।
निर्माणाधीन बांसी रेलवे स्टेशन रेल मार्ग से ढुलाई खर्च सस्ता होने के बाद बड़ी व्यवसायिक गतिविधियों का लाभ व्यापारियों के साथ ही स्थानीय उपभोक्ताओं को भी सस्ते दामों में सामान भी उपलब्ध होगा। निर्माणाधीन बांसी स्टेशन पर मालगोदाम के निर्माण से रेल मार्ग से यात्रा के साथ सामानों की ढुलाई की सुविधा हो जाएगी, इससे ढुलाई खर्च सस्ता होने से व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ जाएंगी।
खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन पर बन रहे बांसी स्टेशन पर यात्री सुविधा के साथ ही सामानों की ढुलाई सुविधा के लिए मालगोदाम का निर्माण भी प्रस्तवित है, जिससे लोगों को व्यावसायिक गतिविधियों में सुविधा मिलेगी। एसएसई, रेलवे निर्माण बेहतर होगी,नई रेल लाइन विछ जाने से यात्री वहराइच से सीधे खलीलाबाद आ सकेंगे। वहां से लखनऊ और बिहार जाने का रास्ता आसान हो जाएगा।
बांसी में रेलवे स्टेशन और माल गोदाम बनने से रेल मार्ग से यात्रा के साथ ही सामानों की ढुलाई भी सुगम हो जाएगी। इससे जहां बांसी और आसपास के क्षेत्र के बड़े कारोबारियों को सामानों की ढुलाई का खर्च कम होगा, वहीं उपभोक्ताओं को भी इसका लाभ मिलेगा और उन्हें सस्ते दाम में सामान उपलब्ध हो सकेगा। अभी तक सीमेंट समेत अन्य विल्डिंग मैटेरियल, खाद, बीज समेत अन्य खाद्य पदार्थ, कपड़ा, वाहन व उसके पार्ट्स आदि की सड़क मार्ग से अथवा वस्ती व गोरखपुर स्टेशन से उतरने के बाद ढुलाई होती है। इससे ढुलाई खर्च अधिक पड़ने से स्थानीय उपभोक्ताओं को यह सामान महंगे दाम में उपलब्ध होते हैं।
वहीं स्टेशन के लिए 120 मीटर चौड़ाई में हुआ है भूमि अधिग्रहण: नई रेल लाइन बिछाने के लिए खेसरहा से बांसी के बीच 40 मीटर चौड़ी भूमि अधिग्रहीत की गई है, जबकि जहां रेलवे स्टेशन का निर्माण होना है, वहां 100 से 120 मीटर चौड़ी भूमि अधिग्रहीत की गई है। नई रेल लाइन परियोजना को पूरा करने के लिए कार्य को दो फेज में बांटा गया है। पहले चरण में खलीलाबाद से बांसी तक का कार्य पूरा करना है। दूसरे फेज में बांसी से बहराइच तक का कार्य शामिल है। फिलहाल पहले फेज के लिए खलीलाबाद से बांसी तक रेल लाइन बिछाने और स्टेशन निर्माण के लिए आवश्यक 263 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत हो चुकी है। पूरी परियोजना के लिए 1174 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है।
बांसी और डुमरियागंज के लोगों के लिए बड़ी सहूलियत: अब तक रेल मार्ग से अछूते रहे जिले के बांसी व डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के लोगों के लिए यह रेल लाइन बड़ी सौगात साबित होगी। नई रेल लाइन पर जिले में बांसी व डुमरियागंज के साथ ही खेसरहा समेत कई स्टेशन व हाल्ट का निर्माण होना है। इसके माध्यम से बांसी व डुमरियागंज समेत इटवा तहसील क्षेत्र के सैंकड़ों गांवों के लोगों को रेल मार्ग से आवागमन सुगम हो सकेगा।
खलीलाबाद से बहराइच रेल रूट पर 16 स्टेशन और 12 हाल्ट बनेंगे। उतरौला, बंजरहा, डुमरियागंज, भग्गोभार, बांसी, खेसरहा, मेहदावल, भगौली बाजार आदि स्टेशन और घुसवा, हरिहरपुरानी, बिसुनपुर, रामनगर, धनकहापुर, टिकरिया, रमवापुर दुबे, पसाई आदि हाल्ट होंगे।

