महिला अपराध में आई कमी,अपराधियों को सजा दिलाने में यूपी नंबर वन-सीएम योगी
हमारी सरकार नारी शक्ति की सुरक्षा और सम्मान के लिए समर्पित-सीएम योगी
गोरखपुर: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आबादी के हिसाब से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध कम हुए हैं और महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामले में सजा दिलाने में यूपी देश में नंबर वन है! महानवमी पर कन्या पूजन के बाद बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम योगी ने कहा कि सनातन आस्था में नारी शक्ति को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। सनातन आस्था की नैतिक जिम्मेदारी के भाव से सरकार नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए शारदीय नवरात्र की पहली तिथि, 22 सितंबर से मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ किया गया है। इसमें महिलाओं की सुरक्षा के साथ ही उनके स्वावलंबन जागरूकता के लिए पंचायत स्तर तक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में सराहनीय कार्य हो रहे हैं। मिशन शक्ति सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है।
सीएम योगी ने कहा कि भारत में सदैव नारी को शक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखा है। उन्होंने कहा कि जहां बेटी सुरक्षित और सम्मानित है तो वहां का समाज भी सुरक्षित और सम्मानित माना जाता है। उत्तर प्रदेश में ऐसा ही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और और स्वावलंबन के लिए हैं।
लखनऊ: कानून व्यवस्था व अपराध के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति से देश के मुकाबले यूपी में अपराध घटे और कानून व्यवस्था बेहतर हुई है! यूपी सरकार ने एनसीआरची की क्राइम इन इंडिया 2023 के आंकड़ों के आधार यह दावा किया है। राष्ट्रीय औसत से तुलना में यूपी में कई अपराध श्रेणियों में सुधार दर्ज किया गया। सरकार का दावा हैं कि महिलाओं के खिलाफ अपराध दर में यूपी राष्ट्रीय औसत 66.20 प्रति लाख महिला से 11% कम 58.60 रही। 2023 में 66,381 मामलों दर्ज हुए और राज्य 17वें स्थान पर। दुष्कर्म के 29,670 राष्ट्रीय मामलों (दर 4.4) के मुकाबले यूपी में 3,516 हैं,लॉ एंड ऑर्डर बेहतर 3.1) रही और प्रदेश 22वें स्थान पर रहा! बच्चों के यौन शोषण से जुड़े POCSO ऐक्ट के मामलों में राष्ट्रीय 67,694 मामले (दर 15.2) के मुकाबले यूपी में 8,706 (दर 10.2) दर्ज हुए और 24वां स्थान रहा। सांप्रदायिक दंगों में 2023 में शून्य घटनाएं दर्ज की गई जबकि 2012-17 में 815 दंगे (192 मौतें) और 2007-11 में 616 (121 मौतें) हुई! गंभीर अपराधों में भी यूपी 20वें से नीचे रहा। हत्या के राष्ट्रीय 27,721 मामले (दर 2.0) के मुकाबले यूपी में 3,206 (दर 1.4) मामले दर्ज हुए और स्थान 29वां बलवा में 39,260 राष्ट्रीय (दर 2.8) यूपी में में 3, 3,160 (दर 1.3) 3) मामले दर्ज हुए और 20वां स्थान रहा। फिरौती के लिए NCRB के आंकड़ों के आधार पर सरकार का दावा है कि!अपहरण के मामले देश में 615 घटनाएं हुई, जिसकी तुलना में यूपी केवल 16 घटनाओं के साथ देश में 36वें स्थान पर है। डकैती के मामलों में भारत में 3792 (क्राइम रेट 0.3) के मुकाबले यूपी में 73 मामले दर्ज हुए। इस बारे में डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि सीएम योगी के स्पष्ट निर्देशों के तहत अपराध और अपराधियों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति को सख्ती से लागू किया गया है। प्रदेश में अपराध दर में गिरावट आई है, सीएम के गतिशील नेतृत्व में निरंतर प्रयासों और तंत्रगत सुधारों का प्रत्यक्ष परिणाम है। इससे अपराधियों में कानून का भय उत्पन्न हुआ है और आम नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास और ज्यादा मजबूत हुआ है।

