लखीमपुरः 27 अक्टूबर 2025
मुख्यमंत्री योगी ने बदला मुस्तफाबाद का नाम, अब कबीरधाम से होगी पहचान
लखीमपुरः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखीमपुर के अलीगंज के नजदीक स्थित मुस्तफाबाद गांव का नाम बदलकर कबीरधाम कर दिया। योगी मुस्तफाबाद स्थित कबीरधाम में संत क्षमा देव स्मृति समारोह मेले का शुभारंभ करने पहुंचे थे। यहां उन्होंने किसी का नाम लिए बिना समाजवादी पार्टी पर तंज कसा। कहा, हमने करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था के केंद्र के सुंदरीकरण पर पैसा लगाया जबकि और लोगों ने कब्रिस्तान की बाउंड्री पर। योगी ने 55 मिनट के उद्बोधन में केंद्र सरकार की योजनाओं का बखान किया और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने व जल्द भारत के विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री लखीमपुर के मुस्तफाबाद स्थित विश्व कल्याण आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने ‘स्मृति प्राकट्योत्सव मेला-2025’ में भाग लिया और पूज्य संतों को नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रदेश के धार्मिक स्थलों का पुनरुद्धार और सुंदरीकरण का कार्य किया जा रहा है, जबकि पहले यही पैसा
प्रमुख धर्मस्थलों का पुनरुद्धार पहले यही पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री में जाता था। कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाने में लगता था। उन्होंने मुस्तफाबाद का नाम बदलकर कबीरधाम रखने की घोषणा की और कहा कि पिछली सरकारों में अयोध्या को फैजाबाद, प्रयागराज को इलाहाबाद और कबीरधाम को मुस्तफाबाद बनाया गया था। हमने इन स्थलों की पहचान लौटाने का कार्य किया। विपक्ष इसे सेक्युलरिज्म करार देता था, जबकि यह पाखंड है।
कबीरधाम आश्रम में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रभक्ति, सनातन परंपरा,विरासत के सम्मान,और विकास की दिशा में सरकार की उपलब्धियों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला,उन्होंने कहा संत कबीरदास की वाणी आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रही है। उन्होंने निर्गुण भक्तिकी वह धारा प्रवाहित की जो विसंगतियों को तोड़कर आत्मा और परमात्मा का संबंध सरल शब्दों में आमजन को समझाने में सफल रही। ‘गुरु गोविंद दोनों खड़े काके लागू पांव…’ यह दोहा आज भी हमें गुरु के महत्व का स्मरण कराता है।

