राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हिन्दू वाहिनी संगठन कौशल किशोर पांडे ने मुख्यमंत्री उ0प्र0 को लिखा पत्र
राष्ट्रीय हिन्दू वाहिनी संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कौशल किशोर पांडे ने मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ को लिखकर मांग किया कि कक्षा 10 पास बच्चियों’ के लिये छात्रवृत्ति परीक्षा के नियमों में आमूल-चूल परिवर्तन क्यों किया जा रहा है, उनका कहना है कि सिस्टम का इतना भी संकीर्ण सोच नहीं होना चाहिये,कि बच्चों में भेदभाव करे,यह स्थित सर्वथा अनुचित है। राष्ट्रीय हिन्दू वाहिनी संगठन” आपसे अपील करता है। कि नियमों में संकीर्णता के बजाय उदारता बरती जाये। ऐसे में सबका विकास-सबका साथ ” की बात करने वाले अपनी बात को स्पष्ट करें,भारत में रहने वाले सभी भारतवासी देश के नागरिक है,देश सबका है,फिर इस तरह बच्चों में भेदभाव क्यों किया जा रहा है। कम से कम जनता द्वारा चुनी गई सरकार के लिये यह कत्तई उचित नहीं है।कृपया उदारता पूर्वक पुनः विचार करने की कृपा करें। आपसे अपील है कि नियम बनाते समय यह भी संज्ञान में रखा जाये, कि आप छात्रवृत्ति देंगे, नौकरी नहीं!”
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने पत्र लिखकर मांग किया कि कोई भी छात्रा जो उत्तर प्रदेश में निवास करती है,वह किसी भी वर्ग या श्रेणी की हो, “यदि उसे कक्षा 10 में किसी भी वोर्ड से परीक्षा देने पर 90% प्लस अंक मिले है तो उसे छात्रवृत्त्ति परीक्षा में बैठने का हक मिलना ही चाहिये। यह हक उसको भारत का संविधान देता है,यह उसकी प्रतिभा है तथा उसके फंडामेंटल अधिकार की बात है।
उन्होंने यह भी मांग किया कि कोई भी परीक्षा केन्द्र बच्ची के स्कूल से 10 कि.मी. से अधिक दूरी पर कतई नहीं होना चाहिये,छात्र वृत्ति परीक्षा के मूल्याँकन में कोई वर्ग,वर्ण व्यवस्था या भेद-भाव नहीं होना चाहिये,क्योंकि बच्चे स्वभाव से निश्चल, मासूम व भोले भाले होते हैं। उन्हें वर्ग,वर्ण व्यवस्था में भेदभाव उचित नहीं है, यह देश के लिये हितकर नही है। अतः मूल्यांकन केवल और केवल मैरिट के आधार पर होना चाहिये ।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने आग्रह पूर्वक निवेदन किया कि कृपया बच्ची को मिलने वाली छात्रवृत्ति इतनी हो, कि कक्षा 10 के बाद से उसकी सभी पढ़ाई चाहे तकनीकी हो,क्लैट की हो,या नीट आदि से संबंधित हो या स्नातक परस्नातक तक की हो उसकी शिक्षा को विना किसी भेदभाव के वर्ग या वर्ण व्यवस्था से खर्च निकलता रहे, तभी बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं ” की बात कुछ सार्थक होगी। हमेशा यह संज्ञान में रखने की कृपा करे कि “प्रतिभा” से ही देश की तरक्की सम्भव है। भारत देश ने करोड़ों वर्षों से सदैव प्रतिभा का सम्मान किया है। प्रतिभा के विकास के लिये भरपूर आर्थिक मदद की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि यह बात सर्वविदित है कि पूर्व में व्यवस्थाओं द्वारा प्रत्येक बच्चों को भरपूर आर्थिक मदद मिली, यहाँ तक की वे विदेश में पढ़ने के लिये भेजे गये। और वड़े होकर महापुरुष और ज्ञानी और राष्ट्र निर्माता बने। उन्होंने कहा कि कक्षा 10 से ही आगे को सभी प्रकार की शिक्षा का प्रवेश द्वार होता है,ऐसे में देश को प्रतिभा की हमेशा आवश्यकता रहती है,जो किसी भी देश के हित में अत्यन्त आवश्यक है। अत: कक्षा 10 के वाद “प्रत्येक वोर्ड” के बच्चे को जो भी छात्रवृत्त्ति मिले, केवल और केवल मैरिट के आधार पर मिले।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने पत्र लिखकर यह भी मांग किया कि कृपया 90% प्लस मार्क पाने वाले बच्चे को आगे बढ़ने के लिए अवसर देने ही चाहिये। यह बात पूरी तरह ध्यान में रखने की कृपा की जाये कि कोई भी बच्ची जिसने 90% प्लस अंक पाये है। उसे हर दशा में छात्रवृत्ति परीक्षा में शामिल किया जाये तथा उचित छात्रवृत्ति देने में सरलता पूर्वक उदारता बरती जाये। कृपया आपके द्वारा की गई कृत कार्यवाही से संगठन को भी अवगत कराने की कृपा करे।
सादर:- कौशल किशोर पान्डेय,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राष्ट्रीय हिन्दू वाहिनी संगठन एवं प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश।
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