लखनऊ: क्षतिग्रस्त सड़कों को त्योहारों से पहले ठीक कराएं: सीएम योगी
सड़कों की स्थिति प्रदेश की छवि से जुड़ी, इसमें लापरवाही वर्दाश्त नहीं की जाएगी- सीएम योगी
44,196 किलोमीटर सड़कें गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य 21.67 प्रतिशत काम पूरा
अवस्थापना कार्य में लापरवाही के मामले में महापौर के अधिकारों पर होगा पुनर्विचार
लखनऊः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली तथा छठ त्योहार को देखते हुए बारिश से क्षतिग्रस्त हुईं सड़कों को तेजी से ठीक किया जाए। इन त्योहारों से पहले सभी सड़कें ठीक हो जानी चाहिए। मरम्मत के साथ ही जहां जरूरी हो, वहां सड़कों का पुनर्निमाण किया जाए। हाईवे, एक्सप्रेसवे, ग्रामीण सड़कों के साथ ही शहरी क्षेत्र की सड़कें त्योहारों से पूर्व पूरी तरह से अच्छी स्थिति में नजर आनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ मंगलवार को बैठक करते हुए सड़कों की मरम्मत तथा गड्ढा मुक्ति अभियान की समीक्षा की। उन्होंने एनएचएआइ, मंडी परिषद, पीडब्ल्यूडी, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, नगर विकास, सिंचाई, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग सहित विभिन्न विभागों से सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने के बारे में में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी विभाग लक्ष्य की प्राप्ति में समान गति बनाएं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की सड़कों की मरम्मत में तेजी लाई जाए। सड़क नवीनीकरण का कार्य समय से पूरा करना सभी विभागों की जिम्मेदारी है, इसमें कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
नगर विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगमों में अवस्थापना संबंधी कार्यों की धनराशि का समय से और सही उपयोग किया जाए। कार्य का आवंटन पारदर्शिता के साथ हो और कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो, अन्यथा महापौरों के अधिकारों पर पुनर्विचार किया जाएगा। उन्होंने मंगलवार को सड़कों की गड्ढा मुक्ति के संबंध में बैठक किया। 84.82 प्रतिशत प्रगति दर्ज की। नवीनीकरण में पीडब्ल्यूडी ने विशेष मरम्मत में 2750 किलोमीटर सड़कें मरम्मत चिह्नित किया है,114 मार्ग त्योहारों के लिहाज से मरम्मत करना अति महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि जिस भी नगर निगम में एनर्जी एफिशिएवंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) का बकाया है, उसका भुगतान तत्काल करा दिया जाए। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की 6,78,301 सड़कें, जिनकी कुल लंबाई 4,32,989 किलोमीटर है, इनमें से 44,196 किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक इस काम में 21.67 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है। सड़क नवीनीकरण कार्यों की समीक्षा में बताया गया कि 31,514 किलोमीटर लंबाई की सड़कों को इसमें शामिल
उत्तर-दक्षिण कारिडोर तैयार किया जाए: मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश में उत्तर-दक्षिण कारिडोर के विकास की रूपरेखा पर भी चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में अधिकांश राजमार्ग और एक्सप्रेसवे पूर्व-पश्चिम दिशा में केंद्रित है। आवश्यकता है कि नेपाल सीमा से लेकर प्रदेश के दक्षिणी छोर तक फैले जिलों को जोड़ने वाला एक सुदृढ़ उत्तर-दक्षिण कारिडोर तैयार किया जाए। राष्ट्रीय राजमार्गों के अंतर्गत आने वाले हिस्सों में एनएचएआइ का सहयोग लिया जाए और शेष मागों का निर्माण, सुदृढीकरण तथा चौड़ीकरण राज्य स्तर पर कराया जाए। जहां आवश्यक हो वहां ग्रीनफील्ड रोड परियोजनाएं प्रस्तावित की जाए।
किया गया है। पीडब्ल्यूडी ने इसमें 84.82 प्रतिशत प्रगति दर्ज कर ली है। अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत व विशेष मरम्मत के अंतर्गत 2,750 किलोमीटर सड़कें चिह्नित की गई हैं। ग्रामीण विकास विभाग ने इसमें 62.99 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है, नगर विकास विभाग ने 35.50 प्रतिशत और अवसंरचना एवं औद्योगिक विकास विभाग ने 48.77 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पीडब्ल्यूडी 30 सितंबर तक सर्वे पूरा कर कार्ययोजना शासन को प्रस्तुत करे।
त्योहारों के लिहाज से महत्वपूर्ण सड़कों के बारे में अवगत कराया गया कि 649 मार्ग संतोषजनक स्थिति में हैं, जबकि 114 मार्ग असंतोषजनक स्थिति में पाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन मार्गों को तत्काल सुधार दिया जाए। सड़कों की स्थिति प्रदेश की छवि से जुड़ी होती है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यों की प्रगति की प्रतिदिन निगरानी हो तथा शासन स्तर पर नियमित रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।

