सशक्त एवं समृद्ध किसान की नई पहचान: फार्मर रजिस्ट्री
उत्तर प्रदेश सरकार एवं भारत सरकार द्वारा किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित “फार्मर रजिस्ट्री” कार्यक्रम जनपद में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह योजना केंद्र सरकार की एग्रीस्टैक योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक किसान को निःशुल्क 12 अंकों की विशिष्ट डिजिटल पहचान प्रदान की जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना, बिचौलियों की भूमिका समाप्त करना तथा कृषि सेवाओं को सरल और प्रभावी बनाना है। जनपद में अब तक कुल 4,04,358 किसानों के सापेक्ष 2,96,402 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जा चुकी है, जबकि 1,07,956 किसानों की रजिस्ट्री प्रक्रिया अभी शेष है। शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए जनपद में लगातार मेगा फार्मर रजिस्ट्री कैंप आयोजित किए जा रहे हैं, जहां किसानों की रजिस्ट्री निःशुल्क की जा रही है। प्रशासन द्वारा कृषि एवं राजस्व विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों को भी इस कार्य में सक्रिय रूप से लगाया गया है।
फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को अनेक लाभ प्राप्त होंगे,जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं की धनराशि सीधे किसानों के बैंक खातों में समय पर पहुंचेगी। किसानों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी। इसके माध्यम से किसानों को कृषि ऋण, बीमा, सब्सिडी तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल बिक्री जैसी सुविधाएं अधिक सरलता से मिल सकेंगी। प्राकृतिक आपदा या फसल नुकसान की स्थिति में वास्तविक क्षति का आंकलन कर शीघ्र मुआवजा प्रदान करने में भी यह व्यवस्था सहायक सिद्ध होगी।
फार्मर रजिस्ट्री हेतु आधार कार्ड, भूमि संबंधी दस्तावेज तथा मोबाइल नंबर आवश्यक हैं। किसान जन सेवा केंद्र (सीएससी), सहायक ऐप, सेल्फ ऐप अथवा कृषि एवं राजस्व विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों की सहायता से अपनी रजिस्ट्री करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसान स्वयं भी आधिकारिक वेबसाइट www.upfr.agristack.gov.in/faramer-registry-up/#/ पर जाकर नया पंजीकरण कर सकते हैं। ओटीपी आधारित ई-केवाईसी एवं भूमि विवरण दर्ज करने के बाद रजिस्ट्री रसीद प्राप्त हो जाती है।फार्मर रजिस्ट्री केवल एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि किसानों के लिए डिजिटल कृषि की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह योजना किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का कार्य कर रही है। किसान भाइयों से अपील है कि वे शीघ्र अपनी फार्मर रजिस्ट्री कराकर सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करें तथा डिजिटल कृषि अभियान में सहभागी बनें।

