सात दिवसीय युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण योजना का सफलतापूर्वक समापन
सिद्धार्थनगर। जनपद में युवाओं को आपदा प्रबंधन के लिए तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित सात दिवसीय युवा आपदा मित्र परियोजना नेहरू युवा केन्द्र के 150 स्वयं सेवको के प्रशिक्षण का समापन एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण माननीय जिलाधिकारी महोदय के निर्देश पर जिला आपदा विशेषज्ञ की अध्यक्षता में कार्यक्रम सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।प्रशिक्षण के दौरान जिले के विभिन्न गांवों से आए युवाओं को आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में प्रथम प्रति उत्तर कर्ता के रूप में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
उपरोक्त प्रशिक्षण में ये सिखाया गया, आपदा पूर्व तैयारी एवं पूर्व चेतावनी: भूकंप, बाढ़, अग्निकांड, समुदाय आधारित ,प्राथमिक उपचार , घायलों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की तकनीक,आकाशीय बिजली,सर्पदंश, सूखा,लू, खाद्य सुरक्षा प्रबंध, अस्थायी शेल्टर निर्माण और राहत सामग्री वितरण की प्रक्रिया हैमलिच मैन्यूवर, CPR और बेसिक लाइफ सपोर्ट,आपदा के समय संचार और समन्वय की भूमिका।कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रशिक्षकों ने बताया कि प्रशिक्षित युवा आपदा मित्र , आपदा,सखी,अब अपने-अपने क्षेत्र में आपदा प्रबंधन टीम के रूप में प्रथम प्रति उत्तरकर्ता के रूप में कार्य करेंगे और प्रशासन को मौके पर सहयोग प्रदान करेंगे।
आयोजन में जिला युवा अधिकारी कार्यालय, एन.वाई.के.एस. और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रशिक्षण समाप्ति से पूर्व इन स्वयंसेवकों का एक बेसिक टेस्ट भी हुआ जिन में अरविंद कुमार यादव प्रथम स्थान दीपक प्रसाद द्वितीय स्थान तथा अंजली देवी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ इन लोगों को अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव के कर कमलों द्वारा मोमेंटो दे करके सम्मानित किया गया। जिला आपदा विशेषज्ञ पुष्पांजलि सिंह, मास्टर ट्रेनर मनोज यादव, रोशन लाल, गौरी शंकर, सुनील कुमार, युवा आपदा मित्र महेंद्र कुमार यादव, विशाल, युवा आपदा सखी चन्द्रावती,प्रीति, उष्मावती,चन्दना,सरोजिनी, खुसबू, कृति सामंत, आदि मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण के सफल आयोजन पर बधाई देते हुए कहा कि “युवा ही किसी भी आपदा में सबसे तेज और प्रभावी मदद पहुंचा सकते हैं। प्रशिक्षित युवा आपदा मित्र जनपद की आपदा तैयारियों को मजबूत करेंगे।”
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए और सभी ने जिले में आपदा के समय तत्पर रहने का संकल्प लिया।

