Ex डीजीपी व भाजपा राज्य सभा सांसद बृजलाल ने कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियों पर साधा निशाना! संसद-मार्च की घटना को बताया शर्मनाक
नई दिल्ली: Ex डीजीपी उत्तर प्रदेश व भाजपा राज्य सभा सांसद बृजलाल ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा 20 जुलाई 2026 विपक्षी पार्टियों द्वारा आयोजित संसद-मार्च की घटना पर सरकार को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया। जो भारत जैसे लोकतंत्र के लिए निंदनीय व शर्मनाक घटना है! उन्होंने राहुल गांधी व समूचे विपक्ष पर आरोप लगाया कि इस मार्च में छात्र कम,आम आदमी पार्टी, वामपंथी संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा प्रायोजित असामाजिक तत्व अधिक थे। इन उपद्रवी तत्वों ने पुलिस फोर्स पर हमले किए , उनके सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की, दुकानों में तोड़फोड़ करके आग तक लगाई।
Ex डीजीपी ने सुरक्षा बलों को न्यूनतम बल प्रयोग करने के लिए वह बधाई के पात्र है। सुरक्षा बलों ने ख़ुद आघात सहा परंतु अपना संयम नहीं खोया और न्यूनतम बल प्रयोग करके उपद्रवी भीड़ को नियंत्रित किया।
Ex डीजीपी यूपी/राज्य सभा सांसद बृजलाल ने राहुल गांधी से सवाल पूछा कि? इसी सदन के सामने शीत-सत्र के समय 07 नवंबर1966 को कांग्रेस पार्टी की सरकार ने साधु-संतों, गौसेवकों एवं गऊ माताओं पर अंधाधुंध गोलियाँ चलाकर नर संहार नहीं किया था।इंदिरा गांधी से साधु- संतों द्वारा गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की माँग की गई थी जिसको इंदिरा गांधी ने इंकार कर दिया था।साधु-संतों और गौसेवकों द्वारा “सर्वोदय गोरक्षा महाभियान समिति” के नेतृत्व में संसद के सामने “ 07 नवंबर 1966 को “गोपाष्टमी” के दिन गऊ माताओं के साथ प्रदर्शन कर रही थी।
Ex डीजीपी यूपी/राज्य सभा सांसद ने राहुल गांधी से सवाल पूछा कि उस समय की तत्कालीन कांग्रेस सरकार मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करने वाली इंदिरा गांधी ने साधु-संतों,और गोसेवकों को सबक सिखाने के लिए राइफलों से गोलियाँ चलवाई जिसमें सरकारी अभिलेख के अनुसार 8 साधु-संत शहीद हुए, सैकड़ों गोभक्त घायल हुए। 1500 साधु-संतों को गिरफ्तार किया गया था।उस समय पूज्यनीय करपात्री महाराजजी ने संसद के सामने रोते हुए कहा था कि मैं साधु-संतों का खून माफ़ कर सकता हूँ किंतु कांग्रेस द्वारा कराए गए गोमाता के खून को कभी माफ़ नहीं कर सकता। उसी समय दुःखी और आहत होकर करपात्री महाराजजी ने नेहरू गांधी खानदान को श्राप दे दिया था।
Ex डीजीपी यूपी/राज्य सभा सांसद ने राहुल गांधी से पूंछा कि! इसी दिल्ली में 31अक्टूबर 1984 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके अंगरक्षकों द्वारा हत्या कर दी गई थी। दिल्ली के कांग्रेस के बड़े नेताओं सज्जन कुमार,जगदीश टाइटलर, एचकेएल भगत, ललित माकन, धर्मदास शास्त्री आदि ने दंगाइयों की अगुवाई करते हुए निर्दोष सिखों की नृशंस हत्याये करवाई? जिसने केवल दिल्ली में सरकारी अभिलेखों के अनुसार 2733 सिख भाई बहन, बच्चे, बुजुर्ग मारे गये। पूरे देश में अनुमानतः 8000-10000 सिखों की हत्यायें हुई।राजीव गांधी ने इन हत्याओं पर सद्भावना तक व्यक्त नहीं किया,और सिखों के घावों पर नमक छिड़कते हुए कहा-“जब बड़ा बृक्ष गिरता है तो धरती हिलती है।”
Ex डीजीपी यूपी/राज्य सभा सांसद ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि! कहा थी उस समय की सरकार की पुलिस जो मूकदर्शक बनी देखती रही।राहुल गांधी ने जब 2014 में नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने, तब उन्होंने सिख नरसंहार पर कार्यवाही कराई जो अब भी चल रही है। व
Press release by Brij Lal IPS Retd, Ex-DGP UP,Member of Parliament( Rajya Sabha) Dated New Delhi July 21- 2026

