Thu. Jun 25th, 2026

गोरखपुर शामली एक्सप्रेस वे बनने से 22 जनपदों सहित पूरा पूर्वांचल देश के प्रमुख शहरों से जुड़ जाएगा

गोरखपुर शामली एक्सप्रेस वे बनने से 22 जनपदों सहित पूरा पूर्वांचल देश के प्रमुख शहरों से जुड़ जाएगा

बांसी के विकास को लगेंगे पंख, गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण तेज

बांसी सिद्धार्थनगर। पूर्वाचल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सीधे जोडने वाली प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी और सबसे लंबी सडक परियोजना गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे को लेकर बांसी तहसील क्षेत्र में प्रशासनिक हलचल बेहद तेज हो गई है। लगभग 742 किलोमीटर लंबे इस तीव्र गति प्रवेश नियंत्रित गलियारे के निर्माण के लिए बांसी और डुमरियागंज क्षेत्र में जमीनों को चिन्हित कर अधिग्रहण की प्रक्रिया को युद्धस्तर पर आगे बढाया जा रहा है। वर्तमान में बांसी क्षेत्र में केंद्रीय सडक परिवहन मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की अधिसूचना के बाद बांसी तहसील क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तीव्र गति से चल रही है। इस समय प्रशासन द्वारा प्रभावित गांवों की जमीनों की खरीद-बिक्री और भूमि परिवर्तन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सिद्धार्थनगर जिले में इस एक्सप्रेस-वे का गलियारा किलोमीटर 613400 से लेकर 658564 के बीच से गुजरेगा। बांसी तहसील के अंतर्गत आने वाले कई प्रमुख गांवों जैसे कोल्हुआ,तुगलकपुर,अमघटी, कोल्हुई बुजुर्ग, भैंसठ, बिमौआ खुर्द, सिगिया, जाल्हेखोर, और खदरा आदि की कृषि, आबादी, चकमार्ग और सरकारी भूमि को अधिग्रहण के दायरे में शामिल किया गया है। आपत्तियों का निस्तारण हेतु अपर जिलाधिकारी के समक्ष प्रभावित किसानों और भूमिधरों की आपत्तियों को सुना जा रहा है, ताकि मुआवजा वितरण पारदर्शी तरीके से हो सके। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें खेतों में सीमेंटेड खंभे लगाकर गलियारे की 150 मीटर चौडाई के सीमांकन को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। औद्योगिक गलियारे की योजना जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन के निर्देशानुसार, बांसी, खुनियांव और डुमरियागंज क्षेत्र में इस एक्सप्रेस-वे से सटाकर एक औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यदि भूमि अधिग्रहण समय पर पूरा होता है, तो इस बडी परियोजना को वर्ष 2029-2030 तक पूरी तरह सफल (यातायात के लिए चालू) होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस एक्सप्रेस-वे के चालू होने से बांसी से दिल्ली-हरियाणा और पंजाब की दूरी बेहद कम हो जाएगी। गोरखपुर से शामली का 15 घंटे का सफर मात्र 8 घंटे में सिमट जाएगा।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *