बांसी नगर पालिका के विकास के दावे सिर्फ फाइलों में,पहली ही बारिश ने खोली विकास की पोल
बांसी,सिद्धार्थनगर। नगर पालिका परिषद बांसी में इन दिनों विकास की रफ्तार इतनी तेज़ है कि पहली बारिश में ही पोल खोलकर रख दी है। एक दो घंटे की पहली बारिश में नगर पालिका का विकास पूरी तरह जलमग्न हो गया। एक तरफ जहां बांसी चेयरमैन चमन के नेतृत्व में नगर के विकास का खोखला दावा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुदरत ने इस रफ्तार पर ऐसा तेज ब्रेक लगा दिया है कि पूरी शहर की सड़को पर जलभराव हो गया है।
कोतवाली रोड पर ऐसी स्थिति है कि घंटे दो घंटे हुई बरसात में नगर पालिका के विकास के दावे की कलई खुल गई। अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि जैसे ही कोतवाली रोड के चौड़ीकरण का कार्य पूरे दमखम के साथ प्रारम्भ हुआ, ठीक उसी समय इंद्रदेव भी प्रसन्न हो गए और बरसात की शुरुआत हो गई। अब इसे पालिका की बेहतरीन टाइमिंग कहें या बदकिस्मती, लेकिन चौड़ीकरण के लिए खोदी गई सड़कें पहली ही बारिश में तालाब में तब्दील होने लगी हैं। बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या विभाग को इस बात का अंदाज़ा नहीं था कि जून-जुलाई में मानसून आता है? या फिर जानबूझकर कीचड़ में कमल खिलाने की तैयारी थी? नगर पालिका अध्यक्ष के नेतृत्व में विकास की गंगा बहने की बातें तो लगातार हो रही थीं, लेकिन पहली बारिश ने बांसी की सड़कों पर सचमुच विकास की गंगा बहने लगी। बारिश की शुरुआत होते ही नगर के तमाम प्रमुख इलाकों में जलजमाव शुरू हो गया है।
जनता अब यह समझ नहीं पा रही है कि वह नगर पालिका द्वारा चौड़ी सड़क पर चल रही है या फिर अन्य किसी अनजान जगह चल रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जुबानी विकास तो दिख रहा है,देखा जाए तो नपा अध्यक्ष के विकास कार्यों की गति वाकई तेज़ है, बस कमी इतनी रह गई कि सड़कों को खोदने से पहले जल निकासी का कोई पुख्ता इंतज़ाम नहीं किया गया, अब देखना यह होगा कि इस शुरुआती जलजमाव से सबक लेकर बांसी नगर पालिका अध्यक्ष चमन आरा राईनी और उनके अधिकारी जल निकासी को लेकर कोई ठोस कदम उठाते हैं, या फिर पूरी बरसात बांसी की जनता इसी तरह चलने को मजबूर होगी।

