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बांसी सिद्धार्थनगर – महिलाओं ने पुत्र के सुख समृद्धि तथा दीर्घायु के लिए हलषष्ठी निराजल व्रत रखकर की कामना..

बांसी सिद्धार्थनगर – महिलाओं ने पुत्र के सुख समृद्धि तथा दीर्घायु के लिए हलषष्ठी निराजल व्रत रखकर की कामना..

न्यूज़ 17 इंडिया / 28/08/2021

बांसी सिद्धार्थ नगर-खेसरहा क्षेत्र के पिढिया धाम के बाबा पिढेश्वर नाथ मंदिर पर अपने पुत्र की सुख-समृद्धि, चिरायु की कामना के लिए महिलाओं ने शनिवार को हलषष्ठी का निर्जला व्रत रखा। व्रती महिलाओं ने षष्ठी मइया का पूजन किया। धार्मिक मान्यता है कि हलषष्ठी का व्रत रखकर पूजन करने वाली महिलाओं के पुत्र समस्त विघ्नों से मुक्त हो जाते हैं। यह व्रत भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। बलराम का प्रमुख शस्त्र हल था इसलिए इसे हलषष्ठी कहते हैं। कहीं-कहीं इसे ललही छठ का व्रत भी कहते हैं। महिलाओं ने भजन-कीर्तन किया।

अपनी पुत्र की लंबी आयु के लिए महिलाओं ने मंगल गीत गाया तथा व्रती महिलाओं ने षष्‍ठी मइया का विधिवत पूजन-अर्चन कर पुत्रों के दीर्घायु की कामना की। छठ व्रत की पूजा के लिए महिलाएं छह छोटे मिट्टी के पात्र, जिन्हें कुढ़वा कहते हैं या चीनी के बर्तनों में पांच या सात भुने हुए अनाज या मेवा भरती हैं। छियूल, सरपत, कुशा, बैर एक शाखा, पलाश की एक एक शाखा को भूमि या किसी मिट्टी भरे गमले में गाड़कर पूजन हुआ। अपने पुत्र की लंबी आयु के लिए महिलाओं ने मंगल गीत गाया। वहीं महिलाएं भैंस के दूध से बने दही, महुवा और तिन्नी के चावल को पलाश या महुआ के पत्ते पर रखकर खातीं हैं, और फिर विनती कर व्रत का समापन किया इस अवसर पर सरिता त्रिपाठी, मंजू त्रिपाठी, सीता देबी, किरण, सुनीता, अंजनी त्रिपाठी, तथा मीना शुक्ला आदि लगभग बड़ी संख्या में महिलाएं ने पूजा अर्चना की।

(बांसी खेसरहा से पिंढेश्वरनाथ महादेव के प्रबंधक अशोक त्रिपाठीजी..)

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