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सितंबर 2026 से डिजिटल रूप में जमा होंगे आर्किटेक्ट, इंजीनियर और सीए के त्रैमासिक प्रमाणपत्र: यूपी रेरा

यूपी-रेरा,दिनांक: 01-09-2026

सितंबर 2026 से डिजिटल रूप में जमा होंगे आर्किटेक्ट, इंजीनियर और सीए के त्रैमासिक प्रमाणपत्र: यूपी रेरा

लखनऊ से न्यूज17 इंडिया ब्यूरो राजकुमार मिश्र की रिपोर्ट..

लखनऊ/गौतमबुद्ध नगर: उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) ने रियल एस्टेट परियोजनाओं की प्रगति से संबंधित जानकारी को अधिक पारदर्शी, सटीक और अपडेट रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब 30 सितंबर 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही से प्रमोटरों को अपने प्रोजेक्ट की त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट (QPR) के साथ आर्किटेक्ट, इंजीनियर और चार्टर्ड अकाउंटेंट के प्रमाणपत्र डिजिटल रूप में जमा करना अनिवार्य होगा।यूपी रेरा ने अपने वर्तमान वेब पोर्टल पर इसके लिए डिजिटल सुविधा उपलब्ध करा दी है। संबंधित आर्किटेक्ट, इंजीनियर और चार्टर्ड अकाउंटेंट अपने डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से प्रमाणपत्र जमा करेंगे। इन डिजिटल प्रमाणपत्रों के जमा होने के बाद ही प्रमोटर संबंधित प्रोजेक्ट की त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट अपलोड कर सकेंगे।

वर्तमान व्यवस्था में क्या होता है:वर्तमान में प्रमोटर यूपी रेरा पोर्टल पर परियोजना के पंजीकरण के समय तय किए गए भौतिक और वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार हर तिमाही की प्रगति दर्ज करते हैं। इसके साथ आर्किटेक्ट, इंजीनियर और चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा जारी प्रमाणपत्रों की स्कैन कॉपी, प्रोजेक्ट की तस्वीरें और वीडियो भी अपलोड किए जाते हैं।

यूपी रेरा 2.0 में होगी नई व्यवस्था: यूपी रेरा अपने नए 2.0 वेब पोर्टल को विकसित करने के अंतिम चरण में है। नए पोर्टल पर आर्किटेक्ट, इंजीनियर और चार्टर्ड अकाउंटेंट अपने प्रमाणपत्र सीधे डिजिटल रूप से जमा करेंगे। इन प्रमाणित आंकड़ों के आधार पर परियोजना की तिमाही प्रगति तैयार होगी। इसके लिए प्रमोटर को अलग से प्रगति संबंधी जानकारी दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होगी।

सितंबर 2026 से शुरू होगी डिजिटल प्रक्रिया:वर्तमान पोर्टल और नए 2.0 पोर्टल की व्यवस्था अलग-अलग होने के कारण, सितंबर 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही से डिजिटल प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। नया 2.0 पोर्टल शुरू होने तक प्रमोटर वर्तमान पोर्टल पर पहले की तरह अपने प्रोजेक्ट की तिमाही प्रगति रिपोर्ट और उपलब्ध लक्ष्यों के अनुसार जानकारी दर्ज करते रहेंगे। इस दौरान डिजिटल प्रमाणपत्रों के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग नए पोर्टल पर प्रत्येक परियोजना के लिए तिमाही लक्ष्य तय करने में किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यूपी रेरा 2.0 पोर्टल शुरू होने के समय सभी परियोजनाओं की सही और अद्यतन जानकारी उपलब्ध हो और पोर्टल परिवर्तन के दौरान किसी प्रकार की सूचना का अंतर न रहे।

लखनऊ और ग्रेटर नोएडा में बनेंगे हेल्प डेस्क:प्रमोटरों और संबंधित पेशेवरों की सहायता के लिए यूपी रेरा दो विशेष हेल्प डेस्क स्थापित कर रहा है। एक हेल्प डेस्क लखनऊ स्थित मुख्यालय में और दूसरा ग्रेटर नोएडा स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में होगा। यहां नियुक्त कर्मचारी डिजिटल प्रमाणपत्र जमा करने और परियोजना से संबंधित आंकड़ों को अपडेट करने में फोन और व्यक्तिगत रूप से सहायता करेंगे।

जारी होगी विस्तृत एसओपी: यूपी रेरा द्वारा डिजिटल प्रमाणपत्रों को जमा करने और सभी पंजीकृत परियोजनाओं को नए 2.0 वेब पोर्टल पर स्थानांतरित करने के लिए एक विस्तृत दिशा-निर्देश एवं स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी अलग से जारी की जा रही है। प्रमोटरों तथा उनके आर्किटेक्ट, इंजीनियर और चार्टर्ड अकाउंटेंट को इस एसओपी का पालन करने की सलाह दी गई है।

यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय आर. भूसरेड्डी ने कहा कि परियोजनाओं से संबंधित जानकारी को अधिक पारदर्शी, सटीक और अद्यतन बनाना यूपी रेरा का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि आर्किटेक्ट, इंजीनियर और चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से प्रमाणपत्र जमा करने से प्रत्येक परियोजना की प्रगति से संबंधित पेशेवर रूप से प्रमाणित और विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध होगी।
भूसरेड्डी ने कहा कि यह यूपी रेरा 2.0 वेब पोर्टल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे नए पोर्टल पर सुचारु रूप से बदलाव सुनिश्चित होगा और घर खरीदारों सहित सभी हितधारकों को परियोजनाओं की सही एवं अद्यतन जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

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