Sun. Jul 26th, 2026

Ex डीजीपी व राज्यसभा सांसद ने कांग्रेस और सपा पर व्यक्त की तीखी प्रतिक्रिया! राजनीतिक रोटी सेंकना बंद करें

Ex डीजीपी व राज्यसभा सांसद ने कांग्रेस और सपा पर व्यक्त की तीखी प्रतिक्रिया! राजनीतिक रोटी सेंकना बंद करें

दूसरे पर आरोप लगाने से पहले दोनों पार्टियां अपने कार्यकाल के दौरान हुए घोटाले की याद ताजा कर लें- Ex डीजीपी,राज्यसभा सांसद

नई,दिल्ली: Ex डीजीपी व राज्यसभा सांसद ने कहा कि देशहित में बहुत दुःखद है कि मानसून सत्र का चौथा दिन भी विपक्षी पार्टियों की हठधर्मिता की भेंट चढ़ गया।भारत सरकार “संसद में “नीट” पर चर्चा के लिए तैयार है,विपक्षी नेताओं एवं हितधारकों से बात कर रही है किंतु विपक्षीगण का इरादा छात्रों का हित नहीं है अपितु अपना एजेंडा सेट करना हैं और देश में अराजकता का माहौल पैदा करना है क्योंकि इन्हें चुनावों में लगातार पराजय का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कांग्रेस और सपा पर आरोप लगाते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि! दूसरे पर आरोप लगाने से पहले दोनों पार्टियां अपने कार्यकाल के दौरान हुए घोटाले की याद ताजा कर लें? कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकारों में 2G,कोयला घोटाला, कॉमनवेल्थ घोटाला अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला, AIIMS MBBS,रेलवे ग्रुप डी भर्ती,मुंबई विश्वविद्यालय घोटाला, जम्मू-कश्मीर मेडिकल प्रवेश परीक्षा, कर्नाटक पीयूसी घोटाला आदि घोटाले हुए किंतु किसी ने स्वतः इस्तीफे नहीं दिए।कई मंत्री जेल गए, इनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार का कीर्तिमान बना।

Ex डीजीपी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी सरकारों ने तो घोटाले का कीर्तिमान स्थापित कर दिया।उस समय के मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने 1991 में “नक़ल विरोधी अध्यादेश” जारी किया जिसका सकारात्मक प्रभाव हुआ।उन्होंने आरोप लगाया कि इतना ही नहीं 1993 के विधानसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव ने अपने घोषणा-पत्र में “नक़ल विरोधी क़ानून” को समाप्त करने का निर्णय लिया।चुनावी रैलियों में खुलेआम कहा कि वे नक़ल करने की छूट देंगे, कोई भी परीक्षा में फेल नहीं होगा।छात्रों को गुमराह करके 1993 का विधान सभा चुनाव बीएसपी के साथ लड़कर जीते परंतु दलितों को भी धोखा दे दिया और “गेस्ट हाउस कांड-1995” को अंजाम दिया।

Ex डीजीपी व राज्यसभा सांसद ने आरोप लगाया कि परीक्षाओं में छात्र कंधों पर किताबे लेकर और मुलायम सिंह का जयकारा लगाते हुए नकल करने लगे।परीक्षा में नकल कराना समाजवादियों का व्यवसाय बन गया,इसके भयंकर परिणाम हुए, मेधावी छात्र हतोत्साहित हुए और इनकी प्रतिभा को कुंठित किया गया! उत्तरप्रदेश में शिक्षित बेरोजगारों की फ़ौज खड़ी हो गई जो चपरासी की परीक्षा पास नहीं कर पा रहे है।आज वे बेचारे युवा कुंठा का शिकार हो गये हैं जो नकल करके प्रथम श्रेणी का सर्टिफिकेट लिए घूम रहे है।

Ex डीजीपी व राज्यसभा सांसद ने बताया कि 2003-2004 में मुलायम सिंह यादव की सरकार में पुलिस भर्ती में भयंकर घोटाला हुआ।अभ्यर्थी की कापियों में भर्ती करने वाले अधिकारियों ने जाँच करते समय उत्तर लिखे, अधिकतर कापियों में लिखित परीक्षा में अधिक नम्बर दिए गए जबकि अभ्यर्थी ने कुछ ख़ास लिखा ही नहीं था।इन भर्तियों की बाद में जाँच हुई जिसमें एक दर्जन से अधिक आईपीएस, और दो दर्जन से अधिक पीपीएस अधिकारी सस्पेंड किये गये।

राज्य सभा सांसद ने कहा कि अखिलेश यादव जब 2012 में मुख्यमंत्री बने तो “पुलिस भर्ती बोर्ड” की पारिदर्शी प्रकिया को ही बदल दिया। इतना ही नहीं, सिपाही भर्ती परीक्षा में “लिखित परीक्षा” ही समाप्त कर दी। “न रहेगा बांस और न ही बजेगी बाँसुरी” वाली कहावत चरितार्थ कर दी! इन भर्तियों में एक जाति विशेष के 50% से अधिक अभ्यर्थी भर्ती किए गये।

राज्य सभा सांसद ने आरोप लगाया कि इतना ही नहीं यूपीपीएससी को भी इन लोगों ने भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया।अनिल यादव को लोक सेवा आयोग का चेयरमैन बनाया गया जिसकी आपराधिक पृष्टभूमि थी, जिसे कोर्ट के आदेश पर हटाया गया। किंतु तब तक अनिल यादव ने घोटाला कर ही दिया। जाते-जाते उन्होंने एक आदेश भी जारी किया की परीक्षा की कापियाँ और अन्य अभिलेख जो 6महींनें से अधिक पुराने हो, उसे नष्ट कर दिया जाय,जब सीबीआई जाँच हुई तो अभिलेख नष्ट किए जा चुके थे! कर लो जाँच।यह है इनकी पूर्व की पृष्ठभूमि।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 9साल की सरकार में अबतक 9लाख भर्तियाँ हो चुकी हैं जिस पर उँगली नहीं उठाया जा सकता,योगी सरकार अपने 10 लाख की सरकारी नौकरियों के लक्ष्य से अधिक भर्ती करने जा रही है जिसमें 2 लाख पुलिस की भर्तियाँ पूरी हो चुकी हैं।

समाजवादी पार्टी की सरकार ने नकल कराकर ,उत्तरप्रदेश के युवाओं के साथ बहुत अन्याय किया है जिसका परिणाम वे भुगत रहे हैं। उनके साथ यह अपूरणीय क्षति है।राज्यसभा सांसद ने सपा मुखियाअखिलेश यादव पर निशाना साधा कि आज “नीट” परिक्षा में गड़बड़ी की डुगडुगी बजा रहे है,जिसकी निष्पक्ष परीक्षा होकर समय से रिजल्ट भी घोषित हो चुकी है। जिस पार्टी की सरकार में घोटाले के परचम लहराते थे उसे अब परीक्षा में गड़बड़ी पर उनको बोलने का कोई हक़ नहीं है।

Brij Lal IPS Retd,Ex-DGP UP, Member of Parliament (Rajya Sabha)Dated New Delhi July 23,2026.

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *